कादियां
श्री कौशल नंदन रामलीला कमेटी की ओर से नगर कौंसल के मैदान में किए जा रहे  रामलीला मंचन की 14वीं संध्या में कलाकारों ने रावण-अंगद संवाद व कुंभकरण को जगाने  के प्रसंग का मंचन किया।इसमें  सुग्रीव के कहने पर रावण को समझाने के लिए अंगद को दूत बनाकर लंका में भेजा जाता है, तत्पश्चात अंगद रावण के मुख पेश होता है। रावण अंगद की बातों को अनसुना कर क्रोध में जाता है। अंगद रावण का अभिमान तोडऩे के लिए अपनी शक्ति का नमूना दिखाता है तथा भरी सभा में अपना पांव जमा लेते है, जिसे रावण का कोई वीर पांव को हिला तक नहीं पाता। इसके साथ ही राम से युद्ध के लिए रावण ने सैनिकों से कुंभकरण को ढोल नगाड़े बजाकर नींद से जगाया।उनको मदिरा मांस मिष्ठान्न खिलाते है, फिर उनको पूरी कथा समझाते है।
यहां पर प्रधान केवल लुथरा, गुरइकबाल सिंह महल, वरिंदर प्रभाकर,चेयरमैन नरेश्वर नीटा भनोट, डायरेक्टर विजय कुमार, उपप्रधान विकास भनोट, महासचिव डिम्पल भनोट, दीपक भनोट, रवि केहड़,  नरेश कुमार प्रधान मंदिर श्री ठाकुरद्वारा कमेटी, सुनील भनोट, नवीन शर्मा, सचिव राज कुमार, संजीव भनोट पंकज, मोहित, अमित टैंट, अमित, सचिन, रूप लाल, अजय कुमार, साहिल, प्रदीप कुमार, संदीप खोसला, सुरिन्द्र भाटिया, अशोक कुमार, देवांश, मानव, अमित कुमार व अन्य मौजूद रहे

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